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कब्ज़ से तुरंत छुटकारा , एक उपाय करें रोज़ाना

Mar 14, 2026

-वंदना चट्ठा

कब्ज (कॉन्स्टिपेशन) के कारण पेट ठीक से साफ नहीं होता , हर एक इससे छुटकारा चाहता है और शौच के दौरान काफी दिक्कतें आती हैं । पेट साफ ना होने के कारण पूरे दिन आलस्य बना रहता है। किसी काम में मन नहीं लगता। यहाँ तक कि मल त्यागने के लिए ज्यादा जोर लगाना पड़ता है, घण्टों बैठे रहना पड़ता है। इतना ही नहीं व्यक्ति को बहुत सोच-समझकर खाना-पीना पड़ता है। लम्बे समय तक कब्ज की समस्या रहने से कई और बीमारियां होने का खतरा रहता है। क्या आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, कब्ज से परेशान हैं, और कब्ज का घरेलू उपचार चाहते हैं? तो हम डॉक्टर्स की सलाह से आपके लिए जानकारी लाए हैं|

कब्ज होने के कारण
कब्ज की बीमारी होने के कई कारण होते हैं जैसे

भोजन में रेशेदार आहार फाइबर की कमी होना।
मैदे से बने , तले हुए मिर्च-मसालेदार भोजन करना।
पानी कम पीना या तरल पदार्थों का सेवन कम करना।
समय पर भोजन ना करना।
रात में देर से भोजन करना।
देर रात तक जागने की आदत।
अधिक मात्रा में चाय, कॉफी, तंबाकू या सिगरेट आदि का सेवन करना।
भोजन पचे बिना ही दोबारा भोजन करना।
चिन्ता या तनावयुक्त जीवन जीना।
हार्मोन्स का असंतुलन या थायराइड की परेशानी होना।
अधिक मात्रा में या लम्बे तक दर्द निवारक दवाइयों का इस्तेमाल करना।

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कब्ज होने पर क्या होता है आइये जानते है

पेट में दर्द एवं भारीपन रहना।
पेट में गैस बनना।
मल का सख्त (कठोर) एवं सूखा होना।
सिर में दर्द रहना।
बदहजमी
बिना श्रम के ही आलस्य बने रहना।
पिण्डिलियों में दर्द रहना।
मुंह से दुर्गन्ध आना।
कब्ज के कारण मुँह में छाले होना भी एक आम समस्या है।
त्वचा में मुँहासे या फुंसियाँ होना।

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कब्ज का घरेलू इलाज

1- मुनक्के का सेवन
लगभग 8-10 ग्राम मुनक्के रात को पानी में भिगा दें। सुबह इसके बीज निकालकर दूध में उबाल कर खाएं, और दूध पी लें।

2- एरण्ड के तेल (Castor oil)
रात में सोते समय एक गिलास गर्म दूध में 1-2 चम्मच एरण्ड का तेल डालकर पिएं। कब्ज दूर करने का यह घरेलू तरीका बहुत ही उपयोगी है। रात को रूई के फाहे को castor oil में भीगो कर नाभि पर रख कर ऊपर से कॉटन के कपडे से हल्का बांध लें | रातभर ऐसे ही रखें | सुबह आपको आश्चर्यजनक परिणाम देखने को मिलेंगे | कब्ज़ के साथ साथ स्किन , बालों पर भी असर दिखेगा |

3- बेल का फल
बेल का फल कब्ज की समस्या के लिए बहुत फायदेमंद होता है। आधा कप बेल का गूदा, और एक चम्मच गुड़ का सेवन, शाम को भोजन से पहले से करें। बेल का शरबत भी कब्ज में फायदा करता है। बेल पाउडर को भी गुनगुने पानी के साथ रात में एक चम्मच खा सकते है जो कब्ज़ में फायदा करता है |

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4- अंजीर
दो तीन सूखी अंजीर रात को भिगो दें और सुबह खाएं साथ ही जिस पानी में भिगोया है वो भी पी लें | इससे आँतों की सफाई होती है | डयबिटीज पेशेंट इसका प्रयोग काम से कम करें |

5- किशमिश
10-15 किशमिश रात को भिगो दें और सुबह खाएं साथ ही जिस पानी में भिगोया है वो भी पी लें | इससे कब्ज़ जल्द ही दूर हो जाती है | डयबिटीज पेशेंट इसका प्रयोग काम से कम करें |

6- जीरा और अजवायन
जीरे और अजवायन को धीमी आंच पर भून कर पीस लें। इसमें काला नमक डालकर तीनों को समान मात्रा में मिला कर डब्बे में रख लें। रोज आधा चम्मच की मात्रा में गुनगुने पानी के साथ पिएं। यह कब्ज दूर करने का कारगर घरेलू उपाय है।

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7- मुलेठी
एक गिलास पानी में एक चम्मच मुलेठी का चूर्ण और एक चम्मच गुड़ मिलाकर सेवन करें। यह कब्ज की समस्या को ठीक करने में मदद करता है।

8- सौंफ
रात में सोने से पहले एक चम्मच भुनी हुई सौंफ गरम पानी के साथ पिएं। सौंफ में पाए जाने वाले उड़नशील तेल पाचन क्रिया को दुरुस्त करते हैं, गैस्ट्रिक एंजाइम के उत्पादन को बढ़ाते हैं।

9- चने का प्रयोग
कब्ज की समस्या में चना बहुत ही लाभदायक होता है। इसे भिगोकर या उबालकर खाना चाहिए। चने में जीरा या सोंठ को पीसकर डालें और सेवन करें।

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10- अलसी
अलसी के बीजों को पीसकर एक चम्मच रात में सोने से पहले लें। आपको इसे पानी के साथ लेना है।

11- त्रिफला चूर्ण
रात को सोने से पहले एक चम्मच त्रिफला चूर्ण को गरम पानी के साथ लें। 6 माह तक ऐसे करने से पुरानी से पुरानी कब्ज की समस्या भी ठीक हो जाती है।
दस ग्रा. अजवायन, दस ग्रा. त्रिफला और दस ग्रा. सेंधा नमक को कूटकर चूर्ण बना लें। रोज 3-5 ग्रा. की मात्रा में चूर्ण को हल्के गरम पानी के साथ लें। पुरानी कब्ज के इलाज के लिए त्रिफला चूर्ण काफी कारगर उपाय माना जाता है।

12- शहद का प्रयोग
शहद का उपयोग कब्ज को दूर करने में आपकी मदद कर सकता है क्योंकि शहद में लैक्सटिव का गुण पाया जाता है जो की कब्ज की समस्या को दूर करने में सहायक होता है। मगर शुगर जिनको भी है वो इसको ना करें |

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13- पालक
यदि आप कब्ज से परेशान है और आप खान-पान में परिवर्तन कर इसको ठीक करना चाहते है तो आपके लिये पालक का सेवन एक अच्छा उपाय है क्योंकि पालक में लैक्सटिव का गुण पाया जाता है जो की कब्ज को दूर करने में मदद करता है। सब्जियों में , दाल के साथ पालक के पत्तों का उपयोग कर सकते हैं |

14- कॉफ़ी
कब्ज की समस्या में कॉफ़ी कुछ हद तक आपकी मदद कर सकती है क्योंकि कॉफ़ी के सेवन से मलत्याग की प्रवृति को जागृत करने में मदद करती है। मगर हाई बी पी वाले इसका प्रयोग ना करें |

15- आलूबुखारा
आलूबुखारा जैसे फल का सेवन भी कब्ज की समस्या को दूर करने में उत्तम उपाय है क्योंकि आलूबुखारा लैक्सटिव होने के कारण कब्ज की समस्या में फायदेमंद होता है। आप सूखा आलूबुखारा रात में कांच के बर्तन में भिगो कर रखें फिर सुबह अच्छे से इसको मैश(मिक्स ) कर लें | खट्टा हो तो इसमें हल्का सा शहद या गुड़ मिला लें |

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कुछ ऐसे उपाय जो आप आसानी से रोज़ कर सकते हैं जो कब्ज में बहुत फायदा पहुंचाते हैं|

रोज 2 चम्मच गुड़ गर्म दूध के साथ लें। जिनको शुगर है वो इसे ना करें |
दूध में सूखे अंजीर को उबाल कर खाएं, और दूध को पी लें।
रात में सोने से पहले एक चम्मच त्रिफला चूर्ण को गर्म पानी के साथ लें।
सुबह उठकर नींबू के रस में काला नमक मिलाकर सेवन करें।
रात के भोजन में पपीता का सेवन करें।
एक गिलास गर्म दूध में दो चम्मच देसी घी डालकर सोने से पहले पिएं।
दस ग्राम इसबगोल की भूसी को सुबह-शाम पानी के साथ पिएं।

कब्ज से राहत पाने के लिए आपका खान-पान कैसा होना चाहिए

ज्यादा से ज्यादा फल, सब्जियां, एवं रेशेदार आहार का सेवन करें, क्योंकि फाइबर युक्त आहार की कमी भी कब्ज का एक मुख्य कारण है। रोजाना के आहार में 20-30 ग्रा. में फाइबर होना आवश्यक है। यह भी जरूर ध्यान रखें कि अधिक मात्रा में फाइबर का सेवन करने से गैस तथा पेट फूलने की समस्या हो सकती है।
फलों में अंगूर, पपीता, खुबानी, अंजीर, अनानास एवं नाशपती का अधिक सेवन करें। ये फल कब्ज की समस्या में लाभदायक हैं।
सब्जियों में पत्तागोभी, गाजर, ब्रोकली और पालक आदि हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें।
रोजाना कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं, और तरल पदार्थों का सेवन करें।
गेहूं के आटे में पिसे हुए चने को मिलाकर खाएं।
समय पर भोजन करें, तथा पहले किए हुए भोजन के पचने पर ही दूसरी बार भोजन करें।
रात में जागने की आदत को हमेशा के लिए छोड़ दें।
तनावमुक्त जीवन जीने की कोशिश करें।
योगासन करें जैसे

पवन मुक्तासन
हलासन
अर्धमत्स्येन्द्रासन
मयूरासन
बालासन

कब्ज में परहेज
कब्ज के रोगी को दूध तथा पनीर का अधिक सेवन नहीं करना चाहिये।
मैदे से बनी चीजों को बिल्कुल ना खाएं।
अधिक तैलीय एवं मिर्च-मसालेदार वाले भोजन से दूर रहें।
कब्ज रोग में मुख्य रूप से वात को शान्त करने वाले आहार का सेवन करना चाहिये। शीतल गुण वाले आहार से बचना चाहिये। उष्ण गुण और अच्छे प्रकार पके हुए भोजन का सेवन करना चाहिये।

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कुछ ऐसे सवाल जो दर्शकों ने पूछे है
एक बार कब्ज की समस्या ठीक हो जाने पर दोबारा क्यों हो जाती है?

आयुर्वेदिक चिकित्सा रोगों के लक्षणें को ना दबाकर रोग को पूरा समाप्त करता है। इसलिए अगर आप आयुर्वेदिक चिकित्सा से कब्ज का इलाज कर रहे हैं तो सभी निर्देशों का ध्यान से पालन करें। इसमें परहेज और अपनी जीवनशैली का विशेष ध्यान नहीं करने पर पूरा लाभ नहीं मिल पाता। यह एक प्राकृतिक चिकित्सा है। सभी निर्देशों का ध्यान से पालन करें।

कब्ज के कारण कौन-कौन-सी बीमारी हो सकती हैं?

लंबे समय तक कब्ज रहने से व्यक्ति को अनेक रोग हो हैं। कब्ज के कारण बवासीर या भगन्दर की बीमारी हो सकती है। बवासीर में गुदा नलिका में मस्से हो जाते हैं। रोगी को खूनी तथा बादी दोनों प्रकार हो सकता है। इसलिए व्यक्ति को कब्ज का सही समय पर उचित उपचार करना चाहिए और उचित आहार-विहार का पालन करना चाहिए।

कब्ज होने पर डॉक्टर से कब सम्पर्क करना चाहिए?

आमतौर पर अनुचित खान-पान के कारण सभी को कभी न कभी कब्ज की समस्या हो सकती है, जो घरेलू उपचार या सही खान-पान से कुछ ही दिन में ठीक हो जाती है। यदि कब्ज लंबे समय तक चलती है, या घरेलू उपचार करने से भी कब्ज से राहत ना मिल रही हो, तो यह बवासीर का कारण बन सकती है। ऐसी अवस्था में तुरंत चिकित्सक से सम्पर्क करें।